पुरातत्व स्मारकों की सुरक्षा अब जिला पुलिस के हाथ
भोपाल
खजुराहो, सांची, चंदेरी सहित विश्व प्रसिद्ध पुरातत्व महत्व की सुरक्षा अब जिला पुलिस के हवाले होगी। जिला पुलिस ही जवान यहां पर तैनात करेगी और इनका वेतन भी जिला पुलिस को ही देना होगा। दरअसल इतिहास, पुरातत्व और ऐतिहासिक महत्व के पर्यटक स्थलों की सुरक्षा को लेकर कुछ सालों पहले अलग से गार्ड तैनात करने की योजना शुरू हुई थी, जो अब बजट नहीं मिलने से बंद कर दी गई है। हालांकि बजट नहीं मिलने से सुरक्षा को लेकर कोई अंतर नहीं आएगा, जो जवान यहां पर तैनात हैं, वे तैनात रहेंगे लेकिन उनका वेतन इस योजना की जगह पर अब जिला पुलिस को देना होगा।
प्रदेश सरकार ने सांची, बूडी, चंदेरी, गुना में पुरातत्व एवं खजुराहो के मंदिरों के लिए गार्ड तैनात करने के लिए एक योजना बनाई थी। इस योजना में पूर्व में लाखों रुपए दिए जाते थे। अब इस योजना को बंद कर दिया गया है। इस योजना का पैसा पुलिस की जिला स्थापना के सामान्य व्यय के रूप में भेजा जा रहा है। यहां पर तैनात जवानों और गार्ड का वेतन अब जिला पुलिस स्थापना बजट में से देगी। इस योजना में कमलनाथ सरकार ने 2019-20 में 33 लाख 98 हजार रुपए की राशि दी थी। इसके बाद पिछले साल इस योजना में पैसा नहीं मिला। इस साल भी इस योजना में पैसा नहीं देकर यह साफ कर दिया गया है कि अब यह योजना फिलहाल बंद कर दी गई है।
प्रदेश में पुरातत्व महत्व के स्थानों और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पुलिस मुख्यालय ने यह योजना शुरू की थी, जिसमें चुनिंदा स्थानों पर जवानों को तैनात किया गया था। पिछले कई वर्षों से इस योजना के तहत ही जवानों को पुरातत्व महत्व के स्थानों पर तैनाती पर अलग से वेतन जारी किया जाता था। इन सभी स्थानों पर तीन दर्जन से ज्यादा जवान तैनात रहते हैं।

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